कॉलेज सेक्स की गरम कहानी में पढ़ें कि मैं कॉलेज के टॉयलेट में चूतों को छुप छुपकर देखा करता था. एक दिन मेरी टीचर को भी देखा. उसके बाद क्या हुआ? बड़ों को चरणस्पर्श, छोटों को नमस्कार। नाम वगैरह बताने में आपका समय खर्च नहीं करवाऊंगा, जाहिर सी बात है कि आप यहां नाम नहीं काम की बात पढ़ने आये हैं. फिर भी अपने मन से किशन नाम मान लीजिये आप. अब कॉलेज सेक्स की गरम कहानी शुरू करते हैं. तो दोस्तो, फिलहाल मैं हूं तो एक छात्र ही लेकिन मन के भंवर में सपने हमारे भी आते हैं, ये उम्र का पड़ाव ही ऐसा है. लगता है कि सारी उत्सुकता भगवान ने हम में ही डाल दी हो। मैं स्नातक तृतीय वर्ष में हूं लेकिन ये कहानी है मेरे प्रथम वर्ष की, जब मेरा लंड अपने आकार को बढ़ाने में लगा हुआ था. वो बाली उम्र से निकाल कर मुझे जवानी के उफनते सागर में उतारने जा रहा था. हर वक्त फड़फड़ाता रहता था. दिसम्बर का महीना था और कॉलेज का शीतावकाश होने वाला था. उस दिन लंच टाइम था. मैं मूतने के लिए वॉशरूम में जा रहा था. बहुत जोर की आई थी क्योंकि सर्दियों में प्रेशर बहुत तगड़ा होता है. मैं टॉयलेट में गया तो पूरा सन्नाटा था. मैंने अपनी...
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