मकान मालिक की लड़की से की जमकर चुदाई

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम नितिन है, और मैं इंदौर का रहने वाला हूँ| मैं अपनी पढ़ाई पूरी कर चुका हूँ और इसलिये अब मैं एक अच्छी जॉब की तलाश में था| काफी लम्बे समय बाद मुझे भोपाल की एक कम्पनी के द्वारा जॉब का ऑफर आया था जिसे मैं बिलकुल भी ठुकरा नहीं सकता था|
इसलिये मैं बिना देरी किये कम्पनी के अंदर काम शुरू करने के लिए भोपाल निकल गया था| ये मेरी खुशकिस्मती थी कि मुझे भोपाल में कम्पनी के द्वारा ही एक रूम भी दिया गया था|
मैं रोज़ाना सुबह 9 बजे अपनी जॉब के लिए निकलता था, और शाम 4 बजे वापस घर आ जाया करता था| अब तक यहाँ सबकुछ ठीक था और मुझे मेरे मकान मालिक भी काफी अच्छे मिले थे, जो किसी भी वक्त मेरे काम आ जाया करते थे|
मैं रोज सुबह 7 बजे के करीब उठ जाया करता था और सीधा नहा धो कर अपनी जॉब के लिए निकल जाया करता था| अब तक मुझे जॉब करते हुए लगभग 4 महीने बीत चुके थे|
एक दिन जब नहाने के लिए घर से बाहर बाथरूम करने के लिए निकला मेरा ध्यान एक लड़की कि तरह गया, मैंने देखा कि वो तो मकान मालिक की लड़की है और मुझे घूर रही है|
और बस इतना देखकर मैं बाथरूम में नहाने के लिए चला गया, मैं 4 महीने से यह गौर कर रहा था कि जब भी मैं नहाने के लिए जाता हूँ मकान मालिक की लड़की मुझे ऐसे ही बाहर बैठ कर अक्सर घूरती रहती है|
मुझे यह बात कहना तो नहीं चाहिए, पर वो लड़की अक्सर मेरे बदन को घूरते हुए मेरे लिंग को देखा करती थी| मैं एक शरीफ फैमिली का था मुझे यह बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता था कि कोई लड़की इस तरह मेरे लिंग की तरफ घूरे और मुझे ताकती रहे|
मैं बहुत मजबूर था, क्योंकि वह मकान मालिक की लड़की थी और मेरे मकान मालिक के मेरे बॉस से काफी अच्छे सम्बन्ध थे, इसलिये अगर मैं उस लड़की को कुछ कहता तो शायद मेरी जॉन पर भी बन सकती थी| और मैं यह जॉब किसी कीमत पर नही छोड़ना चाहता था, क्योंकि मैं एक मिडिल क्लास फैमिली का था और अक्सर मुझे मेरे पैसे घर पर भिजवाना होते थे|
मेरी मर्जी, मैं जब चाहे जिसे भी देखू  तुम कौन होते हो मुझे बोलने वाले? और इच्छा तो मेरी बहुत कुछ करने की है लेकिन वो सब मैं तुम्हें क्यों बताउं|- उस लड़की ने जवाब देते हुए कहाएक दिन ऐसा आया जब मैं उस लड़की की गंदी नजर के कारण काफी ज्यादा परेशान हो चुका था, और मेने गुस्से में आकर उस लड़की को कह दिया की “ तुम्हारी इच्छा क्या है जब भी मैं नहाने के लिए जाता हूँ तुम मुझे ऐसे क्यों घूरती हो?
मैं काफी डर गया था लेकिन साथ ही मैं उस लड़की के गंदे इरादों को भी समझ चुका था| अब जब भी मैं नहाने के लिए जाया करता था तो मेरी भी नजर बार-बार उस लड़की पर जाया करती थी|
वो लड़की दिखने मैं काफी खूबसूरत लगती थी| वो एक दम गौरी और लचीले बदन वाली किसी अप्सरा की तरह लगती थी| उसकी आंखे डार्क काले रंग की थी, वो जब मुझे देखती थी मैं उसे देखकर शर्मा जाया करता था| बस मुझे उसकी एक ही आदत बुरी लगती थी और वो थी मुझे घूरते हुए मेरे लिंग की तरफ देखना|
उसे रोज देखते हुए पता नहीं क्यूँ अब वह मुझे काफी ज्यादा अच्छी लगने लगी थी, मैं शायद उसके प्यार में पढ़ चुका था| एक दिन मेने उससे बात करने का फैसला किया, और रोज सुबह जैसे ही मैं हमेशा की तरह नहाने के लिए निकला, मैं उस लड़की के पास उससे बात करने के लिए चला गया|
मुझे माफ़ कर दो मैंने उस दिन तुमसे काफी ज्यादा गुस्से में बात की मुझे माफ़ कर देना – मैंने बात शुरू करते हुए कहा
अरे कोई बात नहीं तुम्हारे अलावा कोई और होता तो शायद वो भी ऐसा ही करता – उस लड़की ने मुझे जवाब देते हुए कहा
बात करने पर पता चला कि उस लड़की का नाम दीपिका था, और वह 12वी कक्षा में पढ़ रही थी और उसकी उम्र महज 19 साल ही थी| अब हम दोनों अच्छे दोस्त बन चुके थे और रोज़ाना बातचीत करने की तो हमें आदत लग चुकी थी|
हम जब भी बात किया करते थे, मेरा ध्यान उसके चेहरे पर हुआ करता था लेकिन वो आकर मेरे लिंग की तरफ ही देखा करती थी| एक दिन रोज़ाना की तरह मैं सुबह नहाने के लिए बाथरूम में जा रहा था कि अचानक से दीपिका ने मुझे पकड़ कर मुझे बाथरूम के अंदर ले गयी, और मेरे होठों को जोर से चूम लिया|
मैं काफी घबरा गया था मैंने उससे कहा – “ ये तुम क्या कर रही हो, प्लीज मेरे बाथरूम से बाहर निकल जाओ वरना मैं काफी मुसीबत में पढ़ जाऊँगा|
मेरा मन कर रहा था मुझे माफ़ कर दो – उसने जवाब देते हुए कहा
वो मुझसे कहने लगी कि ‘प्लीज क्या तुम कल ऑफ़िस की छुट्टी कर सकते हो मेरे लिए? मेने कहा – “ पर क्यूँ क्या जरुरत है
वो मुझसे काफी जिद करने लगी और इसलिये मैं ऑफ़िस की छुट्टी रखने के लिए मान गया, पता नहीं क्यों पर मैं शायद उससे प्यार करने लगा था| कल सुबह उसी समय दीपिका मुझे दिखी मैं नहाकर जैसे ही बाहर आया दीपिका मुझे पकड़ कर मेरे रूम में ले गयी और अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया|
मैं काफी डर गया था मैंने दीपिका से डरी हुई आवाज़ मैं बोला कि “ ये तुम क्या कर रही हो? प्लीज कुछ भी ऐसा मत करना जिससे हमें बाद में परेशानी हो|”
दीपिका का चेहरा उस दिन काफी अजीब नजर आ रहा था, मुझे लग ही नहीं रहा था कि वो दीपिका है| उसने मुझे एक दिवार से चिपका दिया और मुझे जोर से चूमने लगी, मुझे अभी तक बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा था, क्योंकि मैं उससे प्यार करता था उसके साथ ऐसा कुछ करने का मैंने अभी तक नहीं सोचा था|
मैंने उसे तुरंत पीछे कर दिया, लेकिन वो भी मानने को तैयार ही नहीं थी| उसने मुझे फिर से बिस्तर पर धक्का दे दिया और फिर बस मैं उसे देखता ही रहा गया| वो बिलकुल शैतानी मुस्कान निकालते हुए मेरी तरफ देख रही थी| उस दिन उसने शर्ट और जींस पहन रखी थी|
मुझे बिस्तर की तरफ धक्का देने के बाद उसने अपनी शर्ट के बटन खोल दिए और जल्दी से अपनी शर्ट को निकाल कर नीचे फेंक दिया उसके बाद तुरंत ही उसने अपनी ब्रा भी उतार कर फेंक दि|
अब तक मुझे जरा भी होश नहीं था कि आखिर हो क्या रहा है| मुझे जिस लड़की से मिले बस एक हफ्ता ही हुआ है, वो अचानक से मेरे सामने अपने कपड़े उतार कर फेंक रही है| पता नहीं क्यूँ उसे देखकर मेरा लंड उफान पकड़ने लगा था, और खड़ा होकर सलामी देने लगा था|
उसे देख कर मेरा शरीर गर्म होने लग गया था| वो मुझे देख कर अपने बूब्स को दबाते हुए मेरे पास बढ़ने लगी और मेरे साथ बिस्तर पर आकर मेरी पेंट को खोलने लगी| पहले तो मेने इस सब का विरोध किया लेकिन कुछ ही देर बाद मैं पूरी तरह से उसके वश में आ चुका था|
 उसने थोड़ी ही देर के अंदर मेरी पेंट को निकाल कर नीचे फेंक दिया और मेरी अंडरवियर को भी तेजी से निकाल कर बाहर फेंक दिया था| मैं दीपिका की आँखों मैं साफ़ देख सकता था कि उसे हवस की भूख काफी लग चुकी है| मुझे एक तरह से काफी ज्यादा बुरा लग रहा था लेकिन अपनी बढती हुई उत्तेजना के कारण अब मैं पूरी तरह से अपना दम तोड़ चुका था|
मेरी अंडरवियर उतारने के बाद मेरे तने हुए लंड को देख कर काफी ज्याद मुस्कुराने लगी और कहने लगी “ आह तुम्हारा लंड तो काफी बड़ा है जैसा की मैंने सोच के रखा था”|
इतना कहते हुए उसने मेरा लंड पूरी तरह से अपने मुंह के अंदर डाल लिया और जोर-जोर से चूसने लगी| उसकी इस अचानक की कार्यवाही की वजह से मेरे मुंह से जोर की आह निकल गयी और मैं ओह आह करता हुआ उपर दीवार की तरफ देखने लगा था|
वह जोर-जोर से लगातार मेरे लंड को हिलाते हुए बार-बार अपने मुंह में लिए जा रही थी| उसने कुछ ही देर में मुझ जैसे शरीफ इंसान को एक प्यासा भेड़िया बना दिया था|
अब मैं उसके सर पर हाथ रख कर उसे सहला रहा था और वह मक्खन की तरह मेरे लंड को चुसे जा रही थी| कुछ ही देर बाद वह मेरे मुंह के आगे आकर खड़ी हो गयी थी, शायद अब वो चाहती थी कि मैं भी उसकी योनी को ठीक उसी तरह चाटने लग जाऊँ|
मैंने अपने हाथों से उसकी जीन्स और पेंटी को उसके घुटनों तक उतारा और अब मैं भी उसकी योनी के बीज को चाटने लग गया था, साथ ही वह भी अपने हाथों से अपनी योनी को रगड़े जा रही थी| उसकी बहुत तेजी के साथ पूरे कमरे के अंदर गूँज रही थी| वो लगातार ओह ओह आह्ह्ह आह्ह्ह्ह करते हुए चीख रही थी| उसके साथ-साथ अब मुझे भी काफी ज्यादा मजा आने लगा था| कुछ देर बाद वह मुझे अपनी गांड दिखाते हुए घोड़ी बनकर बिस्तर पर बैठ गयी और अपनी चुद मैं उंगली डालते हुए मेरी तरह देखने लगी थी|
मैं उसे देखकर समझ गया था कि अब वो मुझसे आगे की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए कह रही है| मेने कुछ देर तक उसकी चुद को देखा तो मेरी आंखे ही लाल रह गयी थी, क्योंकि मैं पहली बार किसी जवान लड़की की चुद को अपनी आँखों के सामने देख रहा था|
आज तक मेने केवल अश्लील फ़िल्मो में ही लड़की की चुद को देखा था| मैं तुरंत अपना लंड हाथ से हिलाते हुए उसकी चुद के पास पहुंचा और उसकी चुद के छेद की तरफ देखकर बिलकुल गरमा गया था| मेने धीरे से अपने आधे लंड को उसकी चुद के अंदर डाला तो उसके मुंह से आह्ह्ह की जोर की आवाज़ आयी और फिर मैं धीरे-धीरे कर के उसकी चुद को चोदने लगा| चोदते-चोदते मेरा लंड अचानक से फिर बाहर गया|
मेने अपने दूसरे प्रयास में फिर से एक ही झटके में अपने पूरे लंड को उसकी चुद के अंदर डाल दिया अब जाकर मुझे काफी मजा आने लगा था| ऐसा लग रहा था जैसे उसकी चुद ने मेरे लौड़े को जकड़ लिया हो, पूरे कमरे मैं पक पक पक उसको चोदने की आवाजें गूँज रही थी
वो बार बार मुझे कह रही थी “ओह ओह नितिन और जोर से आह अम्म्म ओह्ह्ह’| कुछ देर तक ऐसे ही चुदाई चलती रही और फिर मैंने अपने गर्म वीर्य को उसकी चुद के अंदर ही ले जाकर ढोल दिया|
चुदाई के बाद हम दोनों ऐसे ही मेरे कमरे मे सो गए और कुछ देर बाद जब मेरी नींद खुली तब दीपिका वहां से जा चुकी थी| कुछ दिन तक मुझे दीपिका नजर ही नहीं आई और फिर अचानक से दीपिका मुझे फिर से दिखी|
मैं दीपिका को देख कर काफी खुश हो गया और फिर मेने सोचा की उसे अपने दिल की बात बता देना चाहिए| मेने उसे तुरंत ही आई लव यू कह दिया, और वह मुझे देखती ही रह गयी थी|
तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो नितिन पर मैं किसी से भी प्यार नहीं कर सकती प्लीज मुझे माफ़ कर देना| मैं वहां से चला गया था, बहुत कुछ लोगों से पता करने के बाद मुझे यह पता चला कि दीपिका हवस की शिकार थी और वह हर इंसान को ऐसे ही अपनी हवस का शिकार बनाया करती थी| मेरा दिल काफी टूट चुका था, इसलिये मेने बॉस से बोलकर अपना रूम बदलवा दिया और फिर उसके बाद मैं कभी दीपिका से दूबारा नहीं मिला था|

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